"मचान" ख्वाबो और खयालों का ठौर ठिकाना..................© सर्वाधिकार सुरक्षित 2010-2013....कुमार संतोष

शुक्रवार, 25 नवंबर 2011

बहुत तन्हाईयाँ हैं मेरे हिस्से में...



बहुत तन्हाईयाँ हैं मेरे हिस्से में चुरा लो तुम
तुम्हारा साथ मेरी तनहाइयों से कुछ तो बेहतर है

ज़िन्दगी कब तलक देगी मुझे उपहार में धोका
चलो धोका सही पर ज़िन्दगी से कुछ तो बेहतर है

कभी बारिश कभी झूले कभी शबनम का मौसम था
चलो सब नम गए लेकिन किसी के गम से बेहतर है

है आदत हमको पीने की चलो मन मगर समझो
ये आदत यूँ ही रहने दो ये आदत हम से बेहतर है

26 टिप्‍पणियां:

  1. बहुत तन्हाईयाँ हैं मेरे हिस्से में चुरा लो तुम
    तुम्हारा साथ मेरी तनहाइयों से कुछ तो बेहतर है

    बहुत खूब.
    आपकी कलम को सलाम.

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  2. मन के अकेलेपन की गहरी अभिव्यक्ति ..... उदासी के भाव लिए पंक्तियाँ

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  3. किसी अपने का साथ मिल जाए तो ज़िन्दगी यूँ ही बेहतर हो जाती है.

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  4. शुक्रिया विशाल जी,ZEAL जी और डॉ॰ मोनिका शर्मा जी..

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  5. बहुत तन्हाईयाँ हैं मेरे हिस्से में चुरा लो तुम
    तुम्हारा साथ मेरी तनहाइयों से कुछ तो बेहतर है
    WAAH

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  6. कभी बारिश कभी झूले कभी शबनम का मौसम था
    चलो सब नम गए लेकिन किसी के गम से बेहतर है

    बेहद भावप्रवण अभिव्यक्ति .....!

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  7. बहुत भावपूर्ण रचना सुंदर बधाई...
    नई पोस्ट में आपका स्वागत है

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  8. Sounds interesting, might have to take you up on that some other time.

    From everything is canvas

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  9. भावमयी रचना ..गम के साथ भी ज़िंदगी बेहतर है ..

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  10. आदरणीय संतोष कुमार जी
    सस्नेहाभिवादन !

    बहुत तबीअत से लिखा है आपने -
    कभी बारिश कभी झूले कभी शबनम का मौसम था
    चलो सब नम गए लेकिन किसी के ग़म से बेहतर है

    मुकम्मल शे'र ! बहुत ख़ूब !!

    आपकी कई रचनाएं आज पढ़ी …

    बधाई और मंगलकामनाओं सहित…
    - राजेन्द्र स्वर्णकार

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  11. राजेन्द्र स्वर्णकार जी आपका तहे दिल से आभार !

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  12. कहने का अंदाज़ अच्छा लगा. सुंदर ग़ज़ल.

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  13. संतोष जी शब्द और भाव दोनों ही प्रचुर मात्रा में हैं तुम्हारे पास
    बधाई

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  14. कभी बारिश कभी झूले कभी शबनम का मौसम था
    चलो सब नम गए लेकिन किसी के गम से बेहतर है
    इस नमी का अपना अलग आनन्द है। ग़म क्या यह कई खुशियों से भी बेहतर होता है।

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  15. बहुत खूब. सारे शेर एक दूसरे से बेहतर है.

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  16. शुक्रिया asha bisht जी,amit chandra जी और मनोज कुमार जी..
    आप सभी का एक बार फिर से तहे दिल से बहुत बहुत शुक्रिया !

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आपकी प्रतिक्रिया बहुमूल्य है !

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