"मचान" ख्वाबो और खयालों का ठौर ठिकाना..................© सर्वाधिकार सुरक्षित 2010-2013....कुमार संतोष
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गुरुवार, 12 जनवरी 2012

तुमने कुछ इस तरह से देखा


(१) 
बहाने  बहाने  से  तेरी  बात   करते   हैं
सारे  ज़माने   से  तेरी   बात  करते    हैं
जब   तनहाई   हद   से   बढ़   जाती  हैं
इस दिल  दीवाने  से  तेरी बात करते हैं
 

(2)
तुमने  कुछ  इस  तरह  से  देखा  की  सांस कुछ थम सी गई
गुजरे हुए पल आँखों से यूँ छलके की आँख कुछ नम सी गई
तेरे वापस लौट आने  के  इंतज़ार में सावन कुछ ऐसा बरसा
बरसात  आँखों  से  बेशुमार हुई  और गालो पर जम सी गई 



शनिवार, 24 दिसंबर 2011

अनमने से ख़याल

कुछ अनसुलझे, अनमने से ख़याल यूँ ही ज़हन में बरस जाते हैं...और दस्तक दे जाते हैं उन सोई हुई, डरी सी, सहमी हुई यादों को जिन्हें फिर से जीना एक युग गुजर जाने के समान है !
आज भी मैं उन पगडंडियों पर से रोज़ गुजरता हूँ, जहाँ बरसो पहले तुम्हारे पांव में कांटा चुभा था !
अब वो कांटा मेरे पांव में रोज़ चुभता है..... ये चुभन ही मेरे दर्द को सकूं पहुचाते हैं.......!




 जिंदगी     तुझसे     तो     कुछ      गिला     नहीं,
जिसे    दिल    से   चाहा    बस   वो  मिला   नहीं,
यूँ     तो     हज़ारो    लोग    जिंदगी    में    मिले, 
कोई  दिल   से   न  मिला, किसी से दिल मिला नहीं !





भुलना मुशकिल है उसे जो मुझे भुला गया,
हो  के  मुझसे  दूर  जो  मुझको  रूला  गया,
ख़ुदा   करे   वो  ख़ुश   रहे   जहां    भी   रहे,
कोई तो सूने दिल  में  कलियाँ  खिला गया !

मंगलवार, 22 नवंबर 2011

बन जाओ हमसफ़र

"बन जाओ हमसफ़र कि रहगुज़र का वासता,
कट जाऐ ये सफ़र ये तन्हा तन्हा रासता,
मिल गऐ हो तुम तो मुझे मेरे करम से,
वर्ना कहां मैं ज़िन्दगी तुझको तलाशता..!!"

शनिवार, 30 जुलाई 2011

मैं शायर हूँ, मुझे पत्थर दिल ना समझ लेना

"ज़ख्म ख़ामोश हैं जो हमने खाऐ थे ज़माने से

उसे हर पल कुरेदा ज़िन्दगी ने सौ बहाने से

मैं शायर हूँ, मुझे पत्थर दिल ना समझ लेना

कोई भी टूट सकता है इतना आज़माने से..."

बुधवार, 11 मई 2011

ख़ामोशी की भी एक ज़ुबां होती है

ख़ामोशी  की  भी एक ज़ुबां  होती  है
आँखों में भी अनकही दास्ताँ होती है

बिना  लफ़्ज़ों  के  सुने  कोई  दिल की ज़ुबां
मगर जिंदगी कब हर वक़्त मेहरबाँ होती है 

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यादों से आज  मेरी मुलाक़ात हो गई
जो बात तेरी निकली तो रात हो गई

तुझसे जुदाई वाले जो पल मुझे मिले

आसमां भी रो पड़ा और बरसात हो गई
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