"मचान" ख्वाबो और खयालों का ठौर ठिकाना..................© सर्वाधिकार सुरक्षित 2010-2013....कुमार संतोष

शुक्रवार, 3 सितंबर 2010

एक सूरत है

जिंदगी मेरी लाख खूबसूरत ही सही
एक सूरत है
जो सबसे हट कर है
हर सूरत में
एक सच्चाई है
कुछ हकीकत है
एक फ़साना है
दूसरी तरफ ज़माना है
एक विश्वास है
कुछ सपने हैं
निरंकुश अभिलाषाएं हैं
आशाएं हैं
दो जिंदगी है
एक धुप है, एक बादल है
एक आंधी है, एक आँचल है 
एक गुंजन है, एक तन्हाई है
वो आलस है, ये अंगडाई है
एक दर्द है, एक मरहम है
एक दुसमन है, एक हमदम है
कुछ पल है, एक साथ हैं
कुछ दूर तक यही हालात हैं
बिखरते जज्बातों के साथ
जुदा अंदाज़ है
कुछ जरूरी है, कुछ जरूरत है
सबसे हट के एक सूरत है
हर सूरत में

2 टिप्‍पणियां:

  1. शुक्रिया मेरे ब्लॉग पर आने के लिए.
    आपने बहुत अच्छी रचना लिखी है...लेकिन अंत में अधूरी छोड़ दी. क्यों ?

    उत्तर देंहटाएं
  2. अनामिका जी जीवन में ऐसा बहुत कुछ होता है जो अधूरा रह जाता है, उनमें से ये एक कविता भी है, इस कविता से मेरा अतीत जुड़ा हुआ है, शायद इसकी किस्मत मैं पूर्ण होना नहीं लिखा था ! आपने मेरे ब्लॉग पर आकर इसकी शोभा बढाई उसके लिए आभार......

    उत्तर देंहटाएं

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